उत्तर प्रदेश

बरेली कॉलेज में वाहन प्रवेश पर विवाद गरमाया, शिक्षकों के धरने पर बैठे सांसद और विधायक

Kavita2
5 Oct 2026 5:53 PM IST
बरेली कॉलेज में वाहन प्रवेश पर विवाद गरमाया, शिक्षकों के धरने पर बैठे सांसद और विधायक
x

बरेली। बरेली कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को और गरमा गया। धरना दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के समर्थन में सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल भी प्राचार्य कार्यालय के सामने पहुंच गए। दोनों जनप्रतिनिधि प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ दरी पर बैठ गए और उनकी समस्याएं सुनीं।

शिक्षकों ने सांसद और विधायक को बताया कि कॉलेज परिसर में उनके वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जानकारी लेने के बाद सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय से फोन पर बात की और वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सवाल किया।

फोन पर बातचीत के दौरान प्राचार्य ने सांसद को बताया कि वह फिलहाल एटा में हैं। इस पर सांसद ने उनसे पूछा कि शिक्षकों को इस तरह परेशान क्यों किया जा रहा है। प्राचार्य ने जवाब में कहा कि वाहनों के प्रवेश पर रोक प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति के आदेश के तहत लागू की गई है।

यह जवाब सुनने के बाद सांसद ने नाराजगी जताई और शिक्षकों के वाहनों पर लगाया गया प्रतिबंध तत्काल वापस लेने की बात कही।

प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना

बरेली कॉलेज में वाहन प्रवेश को लेकर शिक्षक और कर्मचारी पहले से विरोध कर रहे थे। सोमवार को यह मामला उस समय और चर्चा में आ गया, जब सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल धरना स्थल पर पहुंच गए।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने केवल शिक्षकों से बातचीत ही नहीं की, बल्कि उनके साथ प्राचार्य कार्यालय के सामने दरी पर बैठकर विरोध में समर्थन भी जताया।

शिक्षकों और कर्मचारियों ने इस दौरान वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध से जुड़ी पूरी स्थिति उनके सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध के कारण कॉलेज आने-जाने में परेशानी हो रही है।

सांसद ने प्राचार्य को लगाया फोन

शिक्षकों की समस्या सुनने के बाद सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने मौके से ही कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय को फोन किया।

सांसद ने वाहन प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में उनसे जानकारी मांगी। बातचीत के दौरान प्राचार्य ने बताया कि वह उस समय एटा में हैं।

इसके बाद सांसद ने सवाल किया कि शिक्षकों को वाहनों के प्रवेश को लेकर क्यों परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रतिबंध लगाने के पीछे की वजह भी जाननी चाही।

प्राचार्य ने बताया प्रबंध समिति का आदेश

सांसद के सवाल पर प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने बताया कि कॉलेज परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक का फैसला प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति के आदेश के तहत लागू किया गया है।

प्राचार्य की ओर से यह जानकारी दिए जाने के बाद सांसद ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई।

सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षकों के वाहनों के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया।

विधायक संजीव अग्रवाल भी रहे मौजूद

धरने के दौरान कैंट विधायक संजीव अग्रवाल भी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के साथ मौजूद रहे। उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ बैठकर उनकी बात सुनी।

दोनों जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बाद वाहन प्रवेश को लेकर चल रहा विवाद और प्रमुखता से सामने आ गया।

शिक्षकों ने उन्हें बताया कि कॉलेज परिसर में वाहन लेकर प्रवेश करने पर रोक लगने से रोजाना परेशानी हो रही है। उनकी मांग है कि इस व्यवस्था को वापस लिया जाए और पहले की तरह वाहनों के प्रवेश की अनुमति दी जाए।

शिक्षकों और कर्मचारियों में नाराजगी

वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है। इसी के विरोध में वे धरना दे रहे हैं।

सोमवार को धरना प्राचार्य कार्यालय के सामने जारी रहा। सांसद और विधायक के पहुंचने के बाद शिक्षकों ने उनके सामने अपनी मांग रखी।

शिक्षकों का मुख्य मुद्दा परिसर में उनके वाहनों को प्रवेश की अनुमति देने का है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।

प्रबंध समिति के आदेश पर उठे सवाल

प्राचार्य ने सांसद से फोन पर हुई बातचीत में वाहन प्रवेश पर रोक को प्रबंध समिति सचिव देवमूर्ति के आदेश से जोड़ते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की।

इसके बाद विवाद का केंद्र प्रबंध समिति के आदेश पर आ गया। सांसद ने इस प्रतिबंध पर नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल हटाने की मांग की।

हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रबंध समिति ने वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किन कारणों से लिया था। इसलिए प्रतिबंध के उद्देश्य को लेकर कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।

तत्काल प्रतिबंध हटाने की मांग

सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने प्राचार्य से बातचीत के दौरान कहा कि शिक्षकों के वाहनों पर लगाया गया प्रतिबंध तत्काल वापस लिया जाए।

उनका कहना था कि शिक्षकों को इस तरह परेशानी नहीं होनी चाहिए। धरने पर बैठे शिक्षकों और कर्मचारियों के सामने ही सांसद ने फोन पर इस मुद्दे को उठाया।

इसके बाद प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर कॉलेज प्रशासन और प्रबंध समिति की ओर से निर्णय लिया जाएगा।

अब कॉलेज प्रशासन के फैसले पर नजर

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सांसद की बातचीत के बाद वाहन प्रवेश पर लगा प्रतिबंध वापस लिया गया है या नहीं।

प्राचार्य के एटा में होने के कारण सोमवार को मौके पर उनसे आमने-सामने बातचीत नहीं हो सकी। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने प्रतिबंध को प्रबंध समिति सचिव के आदेश के तहत लागू किए जाने की जानकारी दी।

ऐसे में अब नजर कॉलेज प्रशासन और प्रबंध समिति के अगले कदम पर रहेगी।

जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से बढ़ा मामला

बरेली कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों के प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया है। सोमवार को सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के धरना स्थल पर पहुंचने से मामला और गरमा गया।

दोनों नेता प्राचार्य कार्यालय के सामने शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ दरी पर बैठे। सांसद ने प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय से फोन पर बातचीत भी की।

प्राचार्य ने वाहन प्रवेश पर रोक को प्रबंध समिति सचिव देवमूर्ति के आदेश के तहत लागू किए जाने की बात कही। इस पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए शिक्षकों के वाहनों पर लगाया गया प्रतिबंध तत्काल हटाने को कहा। अब इस विवाद में कॉलेज प्रशासन और प्रबंध समिति के अगले निर्णय का इंतजार है।

Next Story